अमेरिका और यूएई ने शुरू किया सैन्य अभ्यास


दुनिया पर छाए कोरोना वायरस (coronavirus) के संकट के बीच अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की इलीट फोर्स ने सोमवार से सैन्य अभ्यास शुरू किया। यूएई के अल हमारा सैन्य अड्डे पर जारी इस अभ्यास में अमेरिका के मरीन कमांडो और अमीराती कमांडो खासतौर से हिस्सा ले रहे हैं। ईरान से चल रहे अमेरिका के तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस सैन्य अभ्यास का होना भी खुद में खास है। अल हमारा अड्डे में इस अभ्यास के लिए खासतौर पर कई निर्माण किए गए हैं। रेत के टीले तैयार किए गए हैं, मस्जिद तैयार की गई है और कई इमारतें बनाई गई हैं। ज्यादातर निर्माण दिखावटी हैं लेकिन युद्ध स्थितियों को ध्यान में रखकर यह सब किया गया है। इसमें हेलीकॉप्टर और जहाजों से जमीन और पानी में दुश्मनों की खोज का अभ्यास भी किया जा रहा है। जहाज फारस की खाड़ी में अभ्यास कर रहे हैं।


नेटिव फ्यूरी नाम के इस अभ्यास में अमेरिका अपने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। ईरानी सैन्य जनरल को मारने की अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर हो रहे इस सैन्य अभ्यास के खास मतलब होने की बात कही है लेकिन अमेरिका ने इस अभ्यास का ईरान से कोई मतलब होने से इन्कार किया है। अमेरिकी सेना के ब्रिगेडियर जनरल थॉमस सावेज ने इसे भड़कावे वाला कदम मानने से इन्कार कर दिया है। कहा है कि हम क्षेत्र में स्थिरता चाहते हैं, इसलिए मित्र देश के साथ सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।


इस बीच ईरान में कोरोना वायरस से संक्रमित 127 और लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही ईरान में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 1812 पहुंच गई है। ईरान सरकार ने कहा है कि देश में कुल 23049 लोगों में कोरोना से संक्रमित हैं। कोरोना वायरस को लेकर मध्‍य पूर्व देशों में ईरान की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कोरोना के वायरस मध्‍य पूर्व में तेजी से पांव पसार रहा है। ईरान ने समय रहते कोरोना से निपटने के लिए कदम नहीं उठाया इसके लिए पूरी दुनिया में उसकी निंदा हो रही है।